
तुझे याद नहीं करना चाहते
लेकिन
तू इस कदर खयालों में बस चुका है
की
बिना मेरे चाहे,
बिना मेरे सोचे,
बिना मेरी मर्जी के,
बिना मेरी सहमति के,
बस एक तू ही याद आ रहा
खासकर
इस एक लम्हें में
तेरी आवाज,
तेरा ज़िक्र,
तेरा मेरे पास होना,
तेरा गुस्सा,
और
तेरा हर छोटी बात पर
मुझसे लड़ जाना
सब एक एक करके
बहुत याद आ रहा
और
इस बात के लिए
खुद पर गुस्सा अलग.