नारीअस्मिता की मूरतअस्तित्व की सूरत ना जाने कितने सपने पीछे छोड़ आयी तुमअपनो के लिएअपने ख्वाहिशो को दरकिनार करनाइतना आसान भी तो नहींजीवन भर सवालो का सामनाउन सवालों के जवाब मेंखुद को खोने और पाने की जदोजहदरोज़ाना नई सी राहेंहज़ारो अनचाही नज़रेंसामना उन बातों से भीजिसे किसी से बांटने को भीमन सहर से उठता हैखुदContinue reading “नारी ✨”