“क्यों तू अच्छा लगता है, वक्त मिलेगा तो सोचेंगे”

क्यों तू अच्छा लगता है,
वक्त मिला तो सोचेंगे
तुझ में क्या-क्या देखा है,
वक्त मिला तो सोचेंगे
सारा शहर चौंकाने वाला,
दावेदार तो है लेकिन
कौन हमारा अपना है,
वक्त मिला तो सोचेंगे
हमने उसको लिखा था,
कुछ मिलने की तदबीर करो
उस ने लिखकर भेजा है,
वक्त मिला तो सोचेंगे
मौसम खुशबू,
बाद-ए-सबा चांद शफक और तारों में
कौन तुम्हारा जैसा है,
वक्त मिला तो सोचेंगे
हां तो अपने दिल की मानो,
या फिर दुनिया वालों की
मशवरा उसका अच्छा है,
वक्त मिला तो सोचेंगे
क्यों तू अच्छा लगता है,
वक्त मिला तो सोचेंगे

“पुरानी मोहब्बत”

आज इत्तेफाक से
पुरानी मोहब्बत नजर आई
और
उस चेहरे के सामने आते ही
साथ बिताए वो सारे पुराने लम्हे याद आए
वो दिन भर की बातें
होती मुलाकातें
हर छोटी छोटी बात पर
वो लड़ाईयां
और
उनके बाद बिना सोचे
दूसरे ही लम्हे में पहल करना
क्योंकि आप उनके बिना
अधूरे से होते थे
सही कहते हैं लोग
पुरानी होती दोस्ती
वो पहला इश्क
और
पुराने होते रिश्ते
कभी भूला नहीं करते हैं
याद जरूर रहते हैं
बस धुंधले हो चुके होते हैं
एक पल की उनकी मौजूदगी
और
जर्रा जर्रा गुजरा वो वक्त
किताब की तरह
सामने खुलकर रख जाता है
जिसका हर पन्ना
आपने जिया होता है
जिसका हर पन्ना
आपके जहन में होता है
आज इत्तेफाक से
पुरानी मोहब्बत नजर आई
उस चेहरे के सामने आते ही
साथ बिताए वो सारे पुराने लम्हे याद आए …..!!!!

“जाने दो”

when you are born to say “अभी ना जाओ छोड़ कर” but forced to say “जाने दो, उसे जो जाना चाहता है”.

as they described,

वो अफसाना
जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन
उसे एक खूबसूरत मोड़ देकर
छोड़ना….अच्छा है.

“चल तेरे इश्क में पड़ जाते हैं”

instead of saying “i have started falling in love with you” why don’t they say ?

रब की मर्ज़ी से तुझे दिल दे दिया मैंने है
हम उनमें से नहीं, जो राहों में कहीं
बिछड़ जाते हैं

चल, तेरे इश्क़ में पड़ जाते हैं.

मेरे दिल ने दिया जो तुझे मर्तबा
जानूँ मैं या तो फिर जाने मेरा ख़ुदा
तेरी ओर, सनम, अब ये मेरे क़दम
बढ़ना चाहते हैं

चल, तेरे इश्क में पड़ जाते हैं.

“पापा”

पापा

जब से होश संभाला है
बस एक ख्वाहिश साथ लेके जिया है
कैसे और किन तरीकों से
आपके बोझ को कम कर पाऊं
पूरा ना सही
उन स्थितियों का कुछ भाग ही सही
कैसे आपको एक तिनका भर की
तकलीफ ना होने दूं
इस पूरी दुनिया में
अगर कोई सबसे महत्वपूर्ण इंसान है
वो आप और मां हैं
आप दोनो दुनिया हो हमारी
हम सम्पूर्ण तो नही इस जीवन में
गलतियां करते
इतराते उन गलतियों पर
जैसे दुनिया जीत ली हो
लेकिन फिर सीखते
उन्हीं गलतियों से
हां इतना भरोसा जरूर रखना आप
आपने अपने बच्चों को
दुनिया की सबसे बेहतरीन परवरिश दी है
आपने उससे कहीं ज्यादा किया है
जितना आप कर सकते थे
बिना दूसरी बार सोचे
हमारे लिए अपनी नींद,
सुकून सब कुर्बान करने वाले
आप जैसा शायद ही दुनिया में कोई मिले
आपके बच्चों को.
आप उस साए के समान हो
जिनका बस होना ही
हमारी जन्नत है
जिनका बस सर पे हाथ ही
पूरी दुनिया की खुशी है
आपको हमेशा दूसरों के बारे में
खुद से पहले सोचते देखा है
दूसरो की मदद
बिना अपनी तकलीफ के बारे में सोचते
देखा है
वो दुवा हो आप
जो रब ने सजदों में अदा की है
शायद हम वो सब नही कर पाए
अभी तक के सफर में
जिसके आप हकदार थे
जिस खुशी और सुकून के
आप हकदार थे
खुदा से बस यही दुवा है
आपको जहां भी रखें
सलामत रखें
सारी बुरी नजरों से बचाके रखे
आप जैसे निस्वार्थ लोग
आज के समय में मिलने
बहुत ही मुश्किल हैं
आपका भरोसा
अपनी बेटियो पर, हिम्मत है उनकी
आपका गुरूर
अपने बच्चों पर, ताकत है उनकी
अपने बच्चों के लिए
अपनी दुनिया कुर्बान कर देना
उनको क्या पसंद है
उन चीजों से घर का कोना भर देना
बिना किसी स्वार्थ के
बिना किसी उम्मीद के
बस बिना जताए
बिना बताए
उनको प्रेम करना
ऐसा भी कर पाया है कोई इस दुनिया में
ऐसा भी बन पाया है कोई इस दुनिया में

“your worth”

when someone treats you
like just one of many options,
when someone treats you
like you are worthless
when you are always wrong
in that bond
when someone makes you feel
your existence don’t matter
you are just an addition
to their crowd
make their decision easier
by removing yourself
from the equation.
make their decision easier
by not initiating again
stand on it
after letting go that equation
sometimes,
you have to act like
you don’t care,
even if you do,
because you might mean
almost nothing to someone
who means something to you.
it’s not about pride
it’s about self-respect.
don’t give a full-time place
to someone in your life
who consider you part time
being delusional is all fine
but
staying in that delusional world
by avoiding the reality
is stupidity
recognize your value,
understand what you deserve
and
never settle for any of disrespect
just because you love someone
never tolerate that ignorance
just because you want them in your life
you atleast deserve someone
to whom
your existence matters
no matters what’s the situation is
end that cycle
be free
start again
sometimes setting boundries
is the first thing to end your sufferings.

the art of “detachment”

as shreya ghoshal once said “मैंने तेरा नाम दिल रख दिया, मैने तेरा नाम दिल रख दिया. धड़केगा तू मुझमें सदा, मैने तेरा नाम दिल रख दिया”

the game of “detachment” is so strange.

you are trying
to forget someone
you love
you want
and
you need
you are trying
to blur their memories
which you want to keep safe
somewhere in your heart
which you want to protect
at any cost
you crave for that attachment
from whom the detachment is needed
unloving someone, so dear to your heart
leaving someone’s hands
you want to hold
believing that
those were just fleeting moments
and nothing real
detachment is the art of letting go
detachment is the creation of freeing yourself
from all boundations
your heart has made
from all delusions
your mind has shaped
detachment is coming into the reality
that you need to move on
detachment is knowing
the fact that you can’t wait for someone
who does not want you
and
at the end
it’s a favour
on you, for yourself, by yourself.

“आग”

कुछ वाकयात
बस ये एहसास दिला जाते हैं
ये जिंदगी कितनी खोखली है
अगले पल का ही भरोसा नहीं
किस्से कहानी
झगड़े मलाल
सब किसी काम के नही
जब मौत को अपने करीब देखो
जब आखिरी पल को अपने साथ देखो
सब व्यर्थ नजर आता है
ऐसा ही वाकया था आज
जहां सब अपने अपने घरों में
दैनिक रोजमर्रा के कामों में मशगूल
और ये खबर का मिलना
“आग लग गई है”
अगले ही पल उस आग की लपटों का
चौतरफा फैल जाना
उन लपटों में
सब धुंधला सा नजर आता है
ऐसे ही आप अपने जान से कीमती लोगों को
एक पल में खो देते हैं
इस भावना के साथ
की आप कुछ नही कर पाए
आप उन्हें बचा नही पाए
आपके सामने वो आपसे रुकसत हो गए
बस यही सत्य है
उस आखिरी लम्हे में
जब पूरी जिंदगी आंखो के सामने गुजरती है
तो सब
बस साफ साफ इतना बता जाती है
की जीवन में एक यही सत्य है
बाकी सब इंसान के द्वारा बनाया गया
मायाजाल
जहा से निकलना कोई नही चाहता
लेकिन
इस आखिरी लम्हे में
एक पल में
मौत आपको अपने साथ
बस लेकर चली जाती ….!!!!

“मां बाप”

बड़े होने की उन सारी उदास करने वाली बातों
में से ये एक बात भी है
अपने मां बाप को बूढ़ा होते हुए देखना
उन्हें दवाइयों और इलाज पर
निर्भर होते हुए देखना
उनके चेहरे की झुर्रियां
उनके थक से जाने वाले हाथ पैर
उनके सिर के सफ़ेद बाल
ये पता लगना की
जैसे जैसे आप उम्र के दूसरे पड़ाव पर पहुंच रहे
वो उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच रहे
ये बात कही ना कहीं
मन को कचोट के रख देती हैं
जिन्होंने आपको उंगली पकड़कर चलना सिखाया
अब उनको आपके सहारे की जरूरत पड़ती
वो आंखो की कम होती रोशनी
वो दिन ब दिन खराब होती सेहत
इस बात का मलाल हो जाना
की जब उनको आपके साथ की सबसे ज्यादा जरूरत है
तब आप अपने जिंदगी की जद्दोजहद में परेशान हैं
जब उनको आपके समय की सबसे ज्यादा जरूरत है
तब आप अपने घरों से बाहर
एक अंजान शहर में
भविष्य की कश्मकश में उलझे हैं…!!

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