and then….

and then………..
you are FOUND by the ONE
the RIGHT one,
who made sure that your smile never fades
in all choas of life dilemmas
who made sure that your soul never takes
any grief you never deserved

and then……
you are LOVED by the ONE
the right one
to make you believe
that all the love you gave to wrong ones
was never a wastea
it comes back
it comes backs with double amount

and then……
you are EXPERIENCED by the ONE
the right one
who made sure to take care of all your worries
before yourself
and making all your problems
like theirs

AND THEN …….!!!!!

मुक्त कर दो……

हृदय जब तक मुक्त ना करे
कोई जाता नहीं है प्रिये

बस इसीलिए
मुक्त कर दो
हर उस व्यक्ति को
जिसके तुम हमेशा से थे
पर वो कभी तुम्हारा नहीं
हर उस राह को
जिसकी कभी कोई
मंजिल ना थी
हर उस ख्वाब को
जो आंखों में थे
पर पूर्ण ना हुए
हृदय की हर उस पीड़ा को
जिसने सुख से ज्यादा
दिल को जख्म दिए हों
हर उस अनकही दास्तां को
जिसको सुनाने में जमाने लग गए
हर उस कहानी को
जिसमें तुम्हारा वजूद ही ना था

मुक्त कर दो
जरूरी है प्रिये

तेरे कंधे पर अपना सिर रखकर……

तेरे कंधे पर अपना सिर रखकर,
रास्ता तय करना है
सफर……..
एक ऐसे सफर का रास्ता
जिसकी शुरुआत भी तू
और
जिसकी मंजिल भी तू
उस एक सुकून के साथ
उस एक खयाल के साथ
की चाहे कुछ भी हो जाए
की चाहे कोई साथ हो या ना हो
तू हमेशा रहेगा
मेरे साथ
मेरे आसपास
ये दुनिया होगी बुरी
इस दुनिया के लोग होंगे बुरे
जिन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता
मेरे वजूद से,
या
मेरे तकलीफों से
जिनके लिए मेरे आंसू मायने ना रखते हों शायद
ये
जिनके लिए मेरी खुशियों का कोई मोल नहीं
पर
तेरा साथ होना,
हाथों में तेरा बस हाथ होना
और
तेरे कंधे पर अपना ये सिर रखना
उस एक उम्मीद के साथ
की
रब ने तुझे भेजा है,
सिर्फ मेरे लिए,
सिर्फ मेरा बनाकर,
और
सिर्फ मुझमें शामिल होने

चाय कहूं या इश्क ?

चाय कहूं या इश्क ?

जब भी मिलती है
थोड़ी थोड़ी कम सी लगती है
जैसे तेरा आस पास होना
जब भी होता है
तेरा साथ होना ….कम सा लगता है
जैसे चाय जरूरी सी है
इस जिंदगी के लिए
और
इस जिंदगी के
हर एक भावनाओं के लिए
रोजमर्रा की हर जरूरत के लिए
वैसे ही
तेरा होना…..जरूरी सा है
इस जिंदगी में रौनक लाने के लिए
और
हर एक सुबह की खूबसूरती के लिए
बीतने वाली शाम की
सुकून के लिए

तुम और चाय
बस जरूरी से हो
हर मुश्किल को आसान सा करने के लिए
हर एक पल में राहत देने के लिए
जीने के लिए
जिंदगी के लिए

मेरा है तू……. सिर्फ मेरा है तू

बेखुदी को खुद में समा कर
खुद को मुझमें शामिल करने वाला है तू
क्योंकि वो बेखुदी
मुझे परेशान सा कर जाती है
बेचैनी में चैन सा महसूस होके
मुझसे मिलने वाला है तू
क्योंकि वो बेचैनी
मुझे बेचैन सा कर जाती है
अपने चेहरे की उदासी को छिपाकर
मुस्कुराहट को जाहिर करने वाला है तू
क्योंकि वो उदासी
मुझे उदास सा कर जाती है
खुद के बारे में एक बार न सोचके
मेरे बारे में
सौ बार सोचने वाला है तू
अच्छा बुरा
सही गलत
मेरे हर जायज़ और पूरे
कहानियों का हिस्सा है तू
मेरे हर ख्वाहिश और
सुकून का
किस्सा है तू
मेरा है तू
और
सिर्फ मेरा सा है तू

इश्क तो लाज़मी सा है…..जिंदगी के लिए

खुद से ही करके गुफ्तगू
कोई कैसे जीये
इश्क़ तो लाज़मी सा है
ज़िन्दगी के लिए
दिल क्या करे
दिल को अगर अच्छा लगे कोई
झूठा सही
दिल को मगर सच्चा लगे कोई
दरवाज़े से निकले ज़रा
बाहर को रहगुज़र
हर मोड़ पे जो साथ हो
ऐसा हो हमसफ़र

जीने भी दे दुनिया हमें
इल्ज़ाम ना लगा
इक बार तो करते हैं सब
कोई हसीं खता
वरना कोई कैसे भला
चाहे किसी को बेपनाह
ऐ ज़िन्दगी तू ही बता
क्यों इश्क़ है गुनाह……!!!!

ऐ हमनवां ….

वैसे तो मौसम गुजरे हैं
जिंदगी में कई
पर अब ना जाने क्यों वो मुझे
लग रहे हैं हसीं
तेरे आने पे जाना मैंने
कहीं न कहीं ……जिंदा हूं मैं
जीने लगी हूं मैं
अब ये फिजाएं
चेहरे को छूती हवाएं
इनकी तरह……..दो कदम तो बढ़ादे
ऐ हमनवा …….ज़रा अपना बना ले

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