
इक सांस थमने की देरी है
बस इक सांस छूटने की देरी है
शिकायतें,
किस्से,
जिंदगी,
परिवार,
लोग,
यारी, दोस्ती सब
अधूरे रह जाने हैं
कुछ पाकर भी ना मिलना है
कुछ मिलकर भी खो सा जाना है
आज, कल या
शायद हमेशा के लिए
यादों के गट्ठर में
आपको बस दफन सा हो जाना है
इक याद si बनकर रह जानी है
आपकी पूरी दुनिया
आपका अस्तित्व
आपका व्यक्तित्व
सबकुछ बस धुंधला सा हो जाना है
कुछ वक्त के साथ
तो कुछ लोगों के साथ
आप याद तो सभी को रहने हैं
पर याद किसी को नही आने हैं
लोग फिर मशगूल हो जाने हैं
अपनी दुनिया में
बिना इस बात की फ़िक्र किए
की आपको क्या नासाज लगता था
या आपको क्या खुशी दे जाता था
फिर वक्त दर वक्त आप
हिस्सों में याद आने हैं
अपने ही अपनो को
टुकड़ों में खयाल आने हैं
कहने को आप लोग कमाते
पैसे कमाते
रिश्ते कमाते
जिंदगी भर बस इस उम्मीद में
की इक दिन इस जिंदगी को खुलके जिएंगे
और जब जीने का वक्त आता
तबतक जाने की बेला हो जाती
हमेशा हमेशा के लिए
वो आसानी की चाह
वो चिंताओं को लकीरें
वो उम्मीदें
वो सपने
सबकुछ छूट जाना है
बस इक सांस के साथ
सबकुछ रह जाना है
बस इक सांस के साथ
शायद आपको फिर कभी
तकलीफ महसूस न हो अब
शायद आपको फिर कभी
हंसने की इच्छा न करे अब
क्योंकि आपका शरीर
जिसपे आपको इतना नाज़ होता
उस शरीर को आपका साथ छोड़ देना है
आपको अकेला सा कर देना है
हमेशा के लिए
इक याद सा बना देना है
जो शायद लोगों को मौके दर मौके
याद आए
और लोगों के जेहन में आए
जिन्हे आप अपना कहते
यही सत्य है
बाकी सब मिथ्या
हम ये जिंदगी जी रहे
एक दिन मरने के लिए
हम ये लम्हे जी रहे
एक दिन हमेशा के लिए जाने को
इक सांस थमने की देरी है
इक सांस छूटने की देरी है







