जिंदगी

जिंदगी भी बचपन केउन इतवार के बाद आने वालेसोमवार जैसी हो गई हैजब स्कूल जाने कालाख ना मन होकरने को हजार बहाने होलेकिन स्कूल जाना ही पड़ता थाठीक वैसे हीजैसे इस जिंदगी को लाखना जीने का मन होकरने को हजार बहाने होंलेकिन इस जिंदगी कोजीना ही पड़ता हैहंसके, आंखे नम करकेबर्दाश्त करके या माफ करकेबसContinue reading “जिंदगी”

पिता

पहली बार ये खबर मिलनाकी इक नन्ही सी जानआने वाली है इस दुनिया मेंजिसमे मौजूद उसका अंश हैउस वक्त से लेकेइस नन्ही सी जान केइस दुनिया में आ जाने तकये दुनिया नजरंदाज करतीउसके हर एक भाव कोहम उस मां की खुशियां तोजग में बांटतेपर उस इंसान के भावों कोशायद बयां करना भूल जातेजिसे हम “पिता”Continue reading “पिता”

बारिश की ये बूंदें

पसंद है मुझेमौसम ये बारिश काइक सुकून सी होती हैंबारिश की ये बूंदेंजो दिल के किसी कोने मेंदबे जज़्बात को हवा दे जाती हैंपुराने बीते वो हर लम्हेगुजरे जिंदगी के कुछ हिस्सेजिनमे सोंधी महक हैखुशियों कीउन उम्मीद्दों कीअनकही मुलाकातों कीएक तरफा बिना बताएबिना जताएकिसी को दिल से चाहने की औरजिंदगी के सफर मेंधुंधले हो चुकेकुछContinue reading “बारिश की ये बूंदें”

नारी ✨

नारीअस्मिता की मूरतअस्तित्व की सूरत ना जाने कितने सपने पीछे छोड़ आयी तुमअपनो के लिएअपने ख्वाहिशो को दरकिनार करनाइतना आसान भी तो नहींजीवन भर सवालो का सामनाउन सवालों के जवाब मेंखुद को खोने और पाने की जदोजहदरोज़ाना नई सी राहेंहज़ारो अनचाही नज़रेंसामना उन बातों से भीजिसे किसी से बांटने को भीमन सहर से उठता हैखुदContinue reading “नारी ✨”

कुछ यूं होता तो क्या होता ✨

कुछ यूं होता तो क्या होता इक लडक़ी को सुरक्षा का एहसास होताजहाँ भी होती जिस भी जगह होतीदिन के उजाले या रात के अंधेरों मेंडर से ज्यादा  यकीन का नाम होताकभी भी उन गलत निगाहों काउसे सामना ना करना होता…।। कुछ यूं होता तो क्या होता इक लड़की के जनम पर पिता कोज़िम्मेदारी, पैसेContinue reading “कुछ यूं होता तो क्या होता ✨”

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