“पसंद”

“पसंद” क्या है ये?किसी चीज का पसंद आनाकिसी जगह का पसंद आ जानाकिसी व्यक्ति का बस पसंद आ जानाना दिमागी रूप से इस पसंद मेंआपकी सहमति होतीना ही दिली तौर पर इस पसंद मेंआपकी इजाजत होतीलेकिन दिमाग और दिल कीकितनी ही दफा बन पाई हैदिमाग जिस स्थिति की सच्चाई सेरूबरू होताये दिल उन्हीं खयालों केContinue reading ““पसंद””

“मणिकर्णिका घाट”

वाराणसी का मणिकर्णिका घाट एक बार अगर आपनेइस घाट पर कुछ समय बिता लिया, जीवन में सब कुछ व्यर्थ लगने लग जाएगा.जीवन की सारी कड़वी सच्चाई सेरूबरू हो जाना है आपने.ये पैसों के पीछे भागना,दूसरों को तकलीफ देना,किसी और के लिए रोना,सबसे आगे निकलने को होड़,दूसरों को कुचल कर,खुद को सबसे माहिर साबित करने कीContinue reading ““मणिकर्णिका घाट””

अंधेरा

डर लगता था जिस अंधेरे सेबचपन मेंउसी अंधेरे में अब जिंदगी काइक सुकून सा हिस्सा रहता हैजिसे ना दुनियादारी की तलब हैना उजाले की कसकबस इस अंधेरे में, आंखे खुली होकर भीकुछ ना देख पाने की आजमाइशक्योंकि सब देखकर आपका मनबस भर सा गया होता हैहर मर्ज की दवाहर अनकहे अल्फाज की दुआ

there must be “someone”

once SRK said “चाहे जो तुम्हे पूरे दिल से, मिलता है वो मुश्किल से, ऐसा जो कोई कही है, बस वो ही सबसे हसीं है. उस हाथ को तुम थाम लो, वो मेहरबान……कल हो न हो” the conclusion isthere must be “someone” made for youspecially for yousomewhere, in any cornerof this worldfor whomyou are theContinue reading “there must be “someone””

तुझसे प्यार अभी भी है

तुझसे प्यार अभी भी हैबस अब जताना छोड़ दियातू पसंद सबसे ज्यादाअभी भी हैबस अब बताना छोड़ दियामुझे मुझसे भी ज्यादा चाहने वालाऐसा कोई सुकून देने वालावो इंसान नही तूऔर ये बात इस दिल को समझानाथोड़ा मुश्किल सा हैतुझे किसी और के साथ देखनाथोड़ा नामुमकिन सा हैतुझे शायद कद्र नहीं मेरीतुझे शायद चाहत नही मेरीऔरमैंContinue reading “तुझसे प्यार अभी भी है”

ये जिंदगी

ये जिंदगी जीनी तो पड़ेगीहसके जियो, रोकर जियोवो आपकी अपनी मर्जीलेकिन जब तक के लिए मिली हैइसे जीना तो पड़ेगाउम्मीद के साथ जियोया टूटे दिल के साथखुशी के साथ या आसुओं और शिकायतों के साथउस आखिरी लम्हे तकजब तक सांस थम नहीं जातीये जिंदगी जीनी हैकिसी भी कीमत पर हर हाल में…!!

बस इक तू साथ हो

जब इस जग से हारा महसूस होतू उन जख्मों पे,मरहम सा होवो ना दिखने वाली मायूसीवो ना बयां होने वाली दुनिया की बेरूखीतेरे आस पास इन एहसासों का सिमट सा जानाऔर सुकून की आखिरी हद तक पार पानाबस इक तू साथ होतो इस बेरंग जीवन मेंनूर सा हो,हिम्मत सी होऔर विश्वास सा होबस इक तूContinue reading “बस इक तू साथ हो”

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